Monday, 15 August 2011

जज़्बा सीने में है कि नहीं,
मक़सद जीने में है कि नहीं,
'कमल' माटी में सना बदन,
तरबतर पसीने में है कि नहीं.

Sunday, 12 June 2011

बाबा रामदेवजी के अनशन के सन्दर्भ में केंद्र सरकार ने घोर असंवेदनशीलता का परिचय दिया है .
वक़्त आने पर इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. जो लोग बाबा की कार्यशैली के समर्थक नहीं हैं,
उन्हें भी यह सब अच्छा नहीं लगा.

Thursday, 28 January 2010

इस माटी का हर कण मेरा
हर युग मेरा , हर क्षण मेरा
प्राण न्यौछावर धरती माँ को
घोषित कर दूँ यह प्रण मेरा.
स्वार्थ- साधना साधक क्यों हम
निज सुख के आराधक क्यों हम
समग्र चेतना खंडित कर-कर
समरसता में बाधक क्यों हम?